Showing posts with label गीत. Show all posts
Showing posts with label गीत. Show all posts

Monday, September 25, 2017

वो भी सही

वादे ही थे,वादों का क्या?
तुमने किये कुछ मैने किये
जो निभ गये  वो भी सही,
जो  रह गये  वो भी सही।

चंद जज्बात  दिल  में थे,
तुमको सुनाने के खातिर
जो कह गये  वो भी सही,
जो रह  गये  वो भी सही।

कुछ  कदम  उठते अगर,
तो  मंजिल दूर  थोड़े थी
जो उठ गये  वो भी सही,
जो रह  गये  वो भी सही।

तेरी  बेरुखी  के  मायने,
हम नासमझ क्या समझे
जो समझ गये वो भी सही,
जो रह  गये वो भी सही।

खतायें  जितनी  भी हुई,
इल्ज़ाम  मुझपे  मढ़ दिये
जो मढ़ गये  वो भी सही,
जो रह गये  वो भी सही।

मेरे  सोये  अरमानों  को,
पंख  तुमने  ही  दिये  थे
जो उड़ गये  वो भी सही,
जो रह गये  वो भी सही।

कौन?

चाँद का हसीं पैगाम आया ।
हवाओं  का सलाम  आया ।

बहारों  ने  हैं  राहें  सजाई ,
बाग में एक फूल मुस्कुराया।

नदियां कल कल करती हैं ,
कोई गीत  फिजा  ने गाया ।

पक्षियों का मधुर कलरव है,
फूल पर भंवरा गुनगुनाया ।

कौन उतरा 'कुमार' जमीं पर,
सबने अदब से सिर झुकाया।

मुझे सम्हालो

मुझे  सम्हालो बहक गये हम,
पीकर नयनों  के मस्त प्याले।
सब  ओर  अँधेरा  कर बैठे ये,
जो खुले केश उनके घुँघराले।

               दंतकान्ति  बिजली  सी कौंधे,
               अधरों का जाम छलका जाये
               उस एक हँसी पर न्यौछावर हैं,
               सुर     सारे     सरगम   वाले।

आज उड़ा आँचल जो उनका,
इस  बहती  पवन  पुरवाई  में
खुशबू सब ओर  बिखर गयी,
जो  थी आँचल  में डेरा डाले।

               उन्हें  देख निज सुधि भूल के,
               नाच   उठे   मन   मयूर   मेरा
               जैसे  सावन  में  नाचे  हैं मोर
               देख   बादल    काले - काले।

Saturday, July 29, 2017

चितचोर

चितचोर चोरी कर गया जिया!

खूब   भरमाया   उसने   मुझे,
अलकों  की  भूल  भुलैया  में।
मैं   डूबा   रहा   कितने   दिन,
नयनों  की  ताल   तलैया  में।
यह  मन  भी  बड़ा  बावरा है,
रीझ गया उस पर रसिया।1।

उसके अरुणिम  अधरों  ने,
मुश्किल कर दिया है जीना।
उसका  हर   अंग  नशीला,
पोर-पोर  यौवन रस भीना।
बरसे  जो  रस  की   फ़ुहार,
फूले मेरे  मन की बगिया।2।

अधखुले     दृगों    से      वह ,
मन मृग का शिकार करती है।
अलकावलि  में  सजे  पुष्प से,
तारों  को  भी  मात  करती है।
स्वप्नों    ही   स्वप्नों    में    मैं,
बन  बैठा  हूँ उसका पिया ।3।

मेरा हाल पूँछा

आज  उन्होंने  हँसकर  मेरा हाल पूँछा। झुकी नजरों ने मुझसे इक सवाल पूँछा। जिसका  जवाब  हम  उनसे  चाहते  थे, उन्होंने  उसी  सवाल  का जवाब  ...